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राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने नए साल पर दी बड़ी राहत, कनेक्शन फिर से जुड़वाने और शुल्क को लेकर आदेश जारी

राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने नए साल पर दी बड़ी राहत, कनेक्शन फिर से जुड़वाने और शुल्क को लेकर आदेश जारी
 
राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने नए साल पर दी बड़ी राहत, कनेक्शन फिर से जुड़वाने और शुल्क को लेकर आदेश जारी

राजस्थान विद्युत नियामक आयोग (RERC) ने नए साल के अवसर पर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने वाले आदेश जारी किए हैं। आयोग ने कटे हुए कनेक्शन को फिर से जुड़वाने और 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए शुल्क निर्धारण संबंधी नई गाइडलाइन लागू करने का निर्णय लिया है।

आयोग के अनुसार, अब कटे हुए घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन पांच साल तक पुनः जुड़वाए जा सकेंगे। वहीं औद्योगिक कनेक्शन दो साल तक पुनः जोड़े जा सकते हैं। इससे पहले ऐसे कनेक्शन के लिए समय सीमा बहुत कम थी, जिसके कारण कई उपभोक्ताओं को बिजली सेवाओं से वंचित रहना पड़ता था।

RERC ने यह भी स्पष्ट किया है कि 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन और पुनः जुड़वाने के लिए शुल्क तय कर दिया गया है। आयोग का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ाना और उन्हें कानूनी रूप से संरक्षित करना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। अब वे बिना किसी अतिरिक्त जटिल प्रक्रिया के अपने कनेक्शन पुनः जोड़वा सकते हैं और आर्थिक रूप से राहत महसूस करेंगे।

आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का पालन करें और उपभोक्ताओं को सुविधा देने में किसी तरह की देरी न होने दें। साथ ही, सभी कार्यालयों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

राजस्थान के उपभोक्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है। जयपुर निवासी व्यापारी सुनील शर्मा ने कहा, “यह आदेश हमारे लिए बड़ी राहत है। पहले कटे हुए कनेक्शन फिर से जोड़वाना बहुत कठिन था। अब प्रक्रिया सरल और समय सीमा बढ़ने से हमें फायदा मिलेगा।”

विद्युत विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के कदम बिजली वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि को बढ़ाते हैं। इससे बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के मामलों में भी कमी आने की संभावना है।

राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने उम्मीद जताई है कि यह निर्णय नए साल में बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा और राहत देगा। आगामी दिनों में आयोग संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया को सार्वजनिक करेगा ताकि सभी हितग्राही इसका लाभ उठा सकें।