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दबंगों की धमकी के बीच पुलिस सुरक्षा में निकली बारात, वीडियो में देंखे प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुई शादी

दबंगों की धमकी के बीच पुलिस सुरक्षा में निकली बारात, वीडियो में देंखे प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुई शादी
 
दबंगों की धमकी के बीच पुलिस सुरक्षा में निकली बारात, वीडियो में देंखे प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुई शादी

राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र के सज्जन बास गांव में एक शादी समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब दबंगों की धमकी के बाद बारात को पुलिस सुरक्षा में निकालना पड़ा। मामला इतना बढ़ गया कि प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विवाह प्रक्रिया पूरी कराई गई।

जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले विजेंद्र जाटव की बेटी माधुरी की शादी 20 अप्रैल को तय थी। शादी से पहले ही गांव में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब कुछ स्थानीय लोगों ने बारात को मुख्य मार्ग से निकालने का विरोध किया। आरोप है कि दबंगों ने चेतावनी दी कि बारात को गांव के मेन रोड से नहीं गुजरने दिया जाएगा और उसे दूसरे रास्ते से ही ले जाना होगा।

विजेंद्र जाटव का कहना है कि जिस वैकल्पिक रास्ते से बारात ले जाने का दबाव बनाया जा रहा था, वह पूरी तरह खराब स्थिति में था और वहां भारी कीचड़ जमा था, जिससे बारातियों और मेहमानों को काफी परेशानी होती। इसी कारण परिवार ने मुख्य मार्ग से बारात निकालने का निर्णय लिया, लेकिन इसके बाद धमकियां मिलने लगीं।

परिवार ने आशंका जताई कि यदि बारात मुख्य रास्ते से निकाली गई तो किसी तरह की अप्रिय घटना या झगड़े की स्थिति बन सकती है। इसी डर के चलते दुल्हन के पिता विजेंद्र जाटव ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई और एसडीएम से मुलाकात की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की निगरानी में बारात को सुरक्षित तरीके से मुख्य मार्ग से निकाला गया और शादी की सभी रस्में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गईं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले पर नजर रखी गई और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी धमकी या दबाव के जरिए सामाजिक कार्यक्रमों में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सामाजिक दबाव और परंपराओं के नाम पर होने वाले विवादों को उजागर करती है, जहां प्रशासनिक हस्तक्षेप के बिना स्थिति बिगड़ने का खतरा बना रहता है।