जयपुर में सीवरेज व्यवस्था की बदहाली उजागर, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी, लोग परेशान
जयपुर शहर में सीवरेज व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आ गई है। धन्वंतरी अस्पताल सहित आसपास के कई इलाकों में सीवर लाइन खराब होने और नालियां चोक रहने के कारण सड़कों पर गंदा पानी भर रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
धन्वंतरी अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान के आसपास सीवर ओवरफ्लो होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। अस्पताल आने वाले मरीज, उनके परिजन और स्टाफ को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई जगहों पर सीवर का पानी सड़कों पर जमा होकर बदबू फैला रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवर लाइन की समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई महीनों से नालियां चोक हैं और सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। नगर निगम और संबंधित विभागों में कई बार शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन हर बार सिर्फ अस्थायी सफाई कर मामले को टाल दिया गया। कुछ दिनों बाद हालात फिर जस के तस हो जाते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि गंदे पानी के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। वहीं स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब सीवर का पानी घरों के अंदर तक घुसने लगता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सीवर लाइनें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें बदलने या दुरुस्त करने के बजाय केवल खानापूर्ति की जा रही है। कई जगहों पर मैनहोल खुले पड़े हैं, जो दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि समस्या की जानकारी उन्हें है और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए काम शुरू किया जाएगा। हालांकि, लोगों का भरोसा अब इन आश्वासनों से उठता जा रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी की बात करने वाला जयपुर अगर बुनियादी सुविधाओं जैसी सीवरेज व्यवस्था को भी ठीक नहीं कर पा रहा है, तो यह चिंता का विषय है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन की स्थायी मरम्मत कर जल्द राहत दिलाई जाए, ताकि गंदगी और बीमारियों से बचा जा सके।
