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जयपुर में घुमंतू-अर्ध घुमंतू समाज का महापड़ाव आज, 10% आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हुंकार; वीडियो में जाने एक लाख लोगों के जुटने का दावा

जयपुर में घुमंतू-अर्ध घुमंतू समाज का महापड़ाव आज, 10% आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हुंकार; वीडियो में जाने एक लाख लोगों के जुटने का दावा
 
जयपुर में घुमंतू-अर्ध घुमंतू समाज का महापड़ाव आज, 10% आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हुंकार; वीडियो में जाने एक लाख लोगों के जुटने का दावा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज घुमंतू और अर्ध-घुमंतू (DNT) समाज की ओर से विशाल महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इस आंदोलन में राजस्थान सहित देशभर से करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। समाज ने 10 प्रतिशत आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।

महापड़ाव का आयोजन विद्याधर नगर स्टेडियम में किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्क है।

10 फीसदी आरक्षण की प्रमुख मांग

घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज लंबे समय से 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। समाज का कहना है कि वर्षों से विभिन्न सरकारों के सामने मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में अब बड़े स्तर पर महापड़ाव आयोजित किया जा रहा है।

'15% आबादी, फिर भी मूलभूत अधिकारों से वंचित'

मंगलवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएनटी समाज के प्रदेशाध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया और पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने आंदोलन की जानकारी दी। रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय राजस्थान की लगभग 15 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन इसके बावजूद समाज के लोग आज भी स्थायी आवास, पहचान पत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सरकार से ठोस निर्णय की मांग

आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाज का उद्देश्य केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक अधिकारों की भी मांग करना है।

प्रशासन अलर्ट पर

महापड़ाव में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जयपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। साथ ही, आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज का यह महापड़ाव राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।