जयपुर के जलमहल में युवक के कूदने की सूचना से हड़कंप, वीडियो में जाने 2 घंटे चला सर्च ऑपरेशन; नहीं मिला कोई सुराग
जयपुर के प्रसिद्ध जलमहल में बुधवार देर रात एक युवक के झील में छलांग लगाने की सूचना से हड़कंप मच गया। रात करीब सवा 10 बजे कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि एक युवक जलमहल की पाल से झील में कूद गया है। सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी थाना पुलिस, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम ने करीब दो घंटे तक जलमहल झील में युवक की तलाश की। टीमों ने झील के अलग-अलग हिस्सों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। कई घंटे तक चले अभियान के बावजूद किसी व्यक्ति के मिलने की पुष्टि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
बताया गया कि बुधवार रात जलमहल की पाल के पास मौजूद लोगों ने एक युवक को झील में छलांग लगाते हुए देखने का दावा किया। इसके बाद तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और एसडीआरएफ तथा सिविल डिफेंस की टीमों को बुलाया गया।रेस्क्यू टीम ने रात में ही झील में तलाश शुरू कर दी। अंधेरा होने के बावजूद टीमों ने काफी देर तक संभावित स्थानों पर खोजबीन की। पुलिस और रेस्क्यू टीम की कोशिशों के बावजूद कोई व्यक्ति नहीं मिला।
देर रात तक नहीं मिला कोई सुराग
करीब दो घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान झील में काफी देर तक तलाश की गई। टीमों ने पानी के भीतर और आसपास के हिस्सों में भी जांच की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। देर रात तक युवक के झील में होने की पुष्टि नहीं हो सकी।लगातार तलाश के बाद रेस्क्यू टीम को आशंका है कि संभव है कि झील में कोई व्यक्ति गया ही न हो। इसी आधार पर गुरुवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन नहीं चलाने का फैसला किया गया है।
शव के ऊपर आने की संभावना का तर्क
रेस्क्यू टीम की ओर से सर्च ऑपरेशन रोकने के पीछे एक तर्क यह भी बताया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति पानी में डूबा है और उसकी मौत हो गई है, तो कुछ समय बाद शरीर फूलने के कारण उसके पानी की सतह पर ऊपर आने की संभावना रहती है। इसी वजह से फिलहाल दोबारा बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन नहीं चलाने की बात कही गई है।
हालांकि, युवक के झील में कूदने की सूचना की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रत्यक्षदर्शियोंने वास्तव में क्या देखा था और क्या किसी युवक के झील में जाने के ठोस साक्ष्य मौजूद हैं।फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए हैं। जलमहल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की जांच की जा सकती है। यदि आगे कोई नया सुराग सामने आता है तो रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
