अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या का खुलासा, वीडियो में जाने वर्चस्व की लड़ाई और तानों ने बना दी साजिश की वजह
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या अब एक सोची-समझी साजिश के रूप में सामने आ रही है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह घटना अचानक गुस्से में किया गया अपराध नहीं, बल्कि जेल के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई और लगातार तानों का नतीजा थी।
जेल में बढ़ता था वर्चस्व का टकराव
जांच के अनुसार, आरोपी विष्णु जाट पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था और अपने गैंग में खुद को बड़ा अपराधी साबित करना चाहता था। उसकी गैंग के सदस्य अक्सर उसे यह कहकर ताना मारते थे कि उसके खिलाफ केवल छोटे-मोटे चोरी के केस हैं और उसने कोई बड़ा अपराध नहीं किया।वहीं दूसरी ओर, मार्च 2026 में जेल में शिफ्ट किए गए डकैत जगन गुर्जर का जेल परिसर में अलग ही दबदबा था। 100 से अधिक मामलों में वांछित जगन को जेल में बंदी “जग्गू दादा” कहकर बुलाते थे, जिससे उसका प्रभाव और बढ़ जाता था।
तानों और अपमान ने बनाई हत्या की साजिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जगन गुर्जर द्वारा लगातार किए जा रहे ताने और टिप्पणियों से विष्णु जाट मानसिक रूप से आहत था। गैंग के भीतर अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने और खुद को साबित करने के लिए उसने जगन की हत्या की साजिश रची।
हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने वारदात के बाद इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस की गहन जांच में पूरे घटनाक्रम की परतें खुलती चली गईं।
मिनट-टू-मिनट साजिश का खुलासा
पुलिस की पड़ताल में अब हत्या से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी टाइमलाइन सामने आ गई है। सूत्रों का कहना है कि जेल के भीतर ही पूरी योजना बनाई गई थी और गैंग के अंदर वर्चस्व की लड़ाई इस वारदात की मुख्य वजह बनी।
जांच जारी, कई और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
