20 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र, वीडियो में देंखे UCC बिल पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने; हंगामे के आसार
राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा ने सत्र बुलाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। माना जा रहा है कि इस बार का मानसून सत्र भी बजट सत्र की तरह ही काफी हंगामेदार रह सकता है। सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनने की संभावना है। सबसे ज्यादा चर्चा समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को लेकर है। सरकार मानसून सत्र में इस बिल को सदन में पेश कर बहस के बाद पारित कराने की तैयारी में है।
UCC बिल पर गरमाएगी राजनीति
यूसीसी बिल को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। सरकार की ओर से बिल को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। फिलहाल इसके ड्राफ्ट पर आम लोगों से भी सुझाव और राय ली जा रही है।सरकार का कहना है कि जनता से मिले सुझावों को यूसीसी बिल में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर इसे विधानसभा में रखा जाएगा। बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष सरकार की नीतियों और प्रावधानों को लेकर सवाल उठा सकता है।
एक सप्ताह तक चल सकता है सत्र
विधानसभा का मानसून सत्र करीब एक सप्ताह तक चलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सत्र की अवधि और सदन के कामकाज का अंतिम फैसला विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में किया जाएगा।संभावना है कि 20 अगस्त या उससे पहले बीएसी की बैठक आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में तय होगा कि मानसून सत्र के दौरान कितने दिन कार्यवाही चलेगी और किन मुद्दों पर चर्चा होगी।
विपक्ष उठा सकता है कई मुद्दे
मानसून सत्र में यूसीसी के अलावा विपक्ष सरकार को कई अन्य मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों से जुड़े मुद्दे और प्रदेश की अन्य समस्याओं को लेकर सदन में हंगामे के आसार हैं।वहीं, सरकार की कोशिश रहेगी कि महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा के बाद पारित कराया जाए और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाया जाए।
बजट सत्र जैसा माहौल बनने के संकेत
पिछले बजट सत्र में भी विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। अब मानसून सत्र में यूसीसी जैसे बड़े और संवेदनशील मुद्दे के आने से विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक गर्मी बढ़ने की संभावना है।फिलहाल सभी की नजरें बीएसी की बैठक और यूसीसी बिल के अंतिम ड्राफ्ट पर टिकी हुई हैं। यह तय करेगा कि मानसून सत्र का एजेंडा क्या होगा और सदन में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा बहस होगी।
