वैश्विक तनाव का असर भारत में दिखा, कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का सीधा प्रभाव भारत में कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों पर पड़ा है। ताजा बदलाव के तहत कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस बढ़ोतरी के बाद होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े व्यापारियों की लागत में उल्लेखनीय इजाफा हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतों के चलते उनका मुनाफा लगातार घटता जा रहा है, जबकि संचालन खर्च तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। हालिया वैश्विक तनाव ने सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर एलपीजी सहित कई ईंधन उत्पादों पर देखने को मिल रहा है।
कॉमर्शियल LPG की कीमतों में इस बढ़ोतरी से सबसे अधिक असर छोटे और मध्यम स्तर के होटल एवं ढाबा संचालकों पर पड़ने की आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि यदि लागत इसी तरह बढ़ती रही तो उन्हें मजबूरी में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं, जिसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
खाद्य उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि पहले से ही महंगाई और कच्चे माल की कीमतें ऊंची हैं, ऐसे में LPG के दाम में यह नई बढ़ोतरी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना देगी। खासकर शहरों में चलने वाले छोटे रेस्टोरेंट्स के लिए यह अतिरिक्त दबाव साबित हो सकता है।
हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है, जिससे आम घरों में उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिली है। लेकिन कॉमर्शियल उपयोग के लिए बढ़ी हुई दरें व्यवसायिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय तनाव का यह असर अब भारतीय बाजार तक पहुंच गया है और कॉमर्शियल एलपीजी की कीमतों में आई यह वृद्धि आने वाले दिनों में खाने-पीने की वस्तुओं के दामों पर भी असर डाल सकती है।
