आसाराम मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, वीडियो में देंखे अपील पर सुनवाई पूरी
नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत Asaram Bapu की ओर से दायर अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह सुनवाई हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित शामिल हैं, के समक्ष हुई। 20 अप्रैल को दोनों पक्षों की लंबी जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने मामले में निर्णय सुरक्षित रखने का आदेश दिया।
मामले में आसाराम और अन्य सह-आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती दी है। इससे पहले 17 अप्रैल को आसाराम के वकीलों की ओर से दलीलें पूरी की गई थीं। इसके बाद पीड़िता की ओर से अधिवक्ता P. C. Solanki ने अपनी विस्तृत दलीलें पेश कीं।
20 अप्रैल को हुई अंतिम सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को निर्णय के लिए सुरक्षित रख लिया। अब सभी की निगाहें अदालत के आगामी फैसले पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले में अहम मोड़ साबित हो सकता है।
यह मामला वर्षों से चर्चा में रहा है और इससे जुड़े विभिन्न कानूनी चरणों पर लगातार देशभर की नजर बनी हुई है। फिलहाल अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखेगा या उसमें कोई बदलाव करेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
