चारभुजा नाथ मंदिर में जलझूलनी एकादशी का भव्य मेला, वीडियो में जाने सोने की पालकी में निकलेगी ठाकुरजी की शोभायात्रा
राजसमंद जिले के गढ़बोर स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर में आज जलझूलनी एकादशी के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन में राजस्थान के अलग-अलग जिलों के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आ रही है।
सोने की पालकी में विराजेंगे ठाकुरजी
जलझूलनी एकादशी के विशेष अवसर पर चारभुजा नाथ मंदिर से ठाकुरजी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। भगवान को सोने की पालकी में विराजित कर शाही लवाजमे के साथ नगर भ्रमण कराया जाएगा। शोभायात्रा को लेकर मंदिर और कस्बे में विशेष तैयारियां की गई हैं।शोभायात्रा में हाथी-घोड़े और पुजारी परिवार का लवाजमा शामिल होगा। पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालु और लवाजमे के सदस्य शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। लवाजमे में गदा, भाला, तलवार, बंदूक सहित अन्य पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र भी शामिल रहेंगे।
गुलाल उड़ाने की है परंपरा
चारभुजा नाथ की जलझूलनी एकादशी की शोभायात्रा के दौरान गुलाल उड़ाने की भी विशेष परंपरा है। भगवान के नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल होते हैं। शोभायात्रा को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
दूधतलाई में होगा विशेष आयोजन
नगर भ्रमण के बाद भगवान की शोभायात्रा दूधतलाई पहुंचेगी। यहां सबसे पहले दूधतलाई की परिक्रमा की जाएगी। इसके बाद विधि-विधान के साथ प्रभु को स्नान कराया जाएगा। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना भी की जाएगी।
साल में एक बार आता है यह विशेष अवसर
चारभुजा नाथ मंदिर में जलझूलनी एकादशी का यह धार्मिक आयोजन साल में एक बार होता है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान के जल विहार और विशेष दर्शन का अवसर भक्तों को मिलता है। श्रद्धालु इस दिन चारभुजा नाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।मेले के चलते गढ़बोर में धार्मिक माहौल बना हुआ है। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के कारण पूरे क्षेत्र में चहल-पहल नजर आ रही है। जलझूलनी एकादशी के इस आयोजन को चारभुजा नाथ मंदिर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है।
