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श्मशान का रास्ता बंद मिलने पर सड़क पर रखनी पड़ी अर्थी, फुटेज में देंखे उदयपुर में ग्रामीणों का प्रदर्शन; प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

श्मशान का रास्ता बंद मिलने पर सड़क पर रखनी पड़ी अर्थी, फुटेज में देंखे उदयपुर में ग्रामीणों का प्रदर्शन; प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
 
श्मशान का रास्ता बंद मिलने पर सड़क पर रखनी पड़ी अर्थी, फुटेज में देंखे उदयपुर में ग्रामीणों का प्रदर्शन; प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

राजस्थान के उदयपुर जिले में एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता बंद होने के कारण अंतिम यात्रा बीच रास्ते में ही रुक गई। गोगुंदा थाना क्षेत्र के मोड़ी ग्राम पंचायत स्थित वेलावतों की भागल में परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप मुख्य सड़क पर अर्थी रखकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से तुरंत रास्ता खुलवाने की मांग की।

जानकारी के अनुसार, गांव के बुजुर्ग अंबाव सिंह राजपूत का बुधवार सुबह निधन हो गया था। परिजन और ग्रामीण उन्हें अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में पहुंचने पर देखा कि मार्ग कांटेदार झाड़ियों से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके चलते अंतिम यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी।

सड़क पर अर्थी रखकर जताया विरोध

रास्ता बंद मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। उन्होंने मुख्य सड़क पर ही अर्थी रख दी और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए भी रास्ता उपलब्ध नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने तत्काल रास्ता खुलवाने और स्थायी समाधान की मांग की।

10 दिन पहले बंद किया गया था रास्ता

ग्रामीणों का आरोप है कि यह मार्ग वर्षों पुराना है और गांव के लोग लंबे समय से इसी रास्ते का उपयोग श्मशान घाट सहित अन्य आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि जमीन विवाद के चलते संबंधित खातेदार ने करीब 10 दिन पहले कांटेदार झाड़ियां लगाकर रास्ता बंद कर दिया, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने पहले भी प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण आज ऐसी स्थिति पैदा हो गई।

प्रशासन से समाधान की मांग

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने मांग की कि श्मशान घाट तक जाने वाले पारंपरिक रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए ताकि अंतिम संस्कार में किसी तरह की बाधा न आए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। संबंधित पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रास्ता जल्द नहीं खोला गया तो वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक रास्तों और भूमि विवादों से जुड़ी समस्याओं को उजागर करती है, जिनका समय पर समाधान नहीं होने पर आम लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।