वीणा कैसेट के मालिक केसी मालू का अंतिम संस्कार आज, राजस्थानी भाषा को पहचान दिलाने के लिए लड़ी लंबी लड़ाई
राजस्थानी संगीत जगत की बड़ी हस्ती और वीणा कैसेट के मालिक केसी मालू का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। उनका निधन सोमवार देर रात हुआ। उनके निधन की खबर से राजस्थानी संगीत और कला जगत में शोक की लहर फैल गई है। केसी मालू ने राजस्थानी लोक संगीत को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए भी लंबे समय तक संघर्ष किया।
केसी मालू का नाम राजस्थान के संगीत उद्योग में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता था। उन्होंने वीणा कैसेट के माध्यम से राजस्थानी लोकगीतों, लोक कलाकारों और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से कई लोक कलाकारों को मंच मिला और राजस्थानी संगीत को नई दिशा मिली।
राजस्थानी भाषा के लिए किया संघर्ष
केसी मालू सिर्फ संगीत क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि राजस्थानी भाषा को पहचान दिलाने के आंदोलन से भी जुड़े रहे। उन्होंने राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई।
उनका मानना था कि राजस्थानी भाषा राजस्थान की संस्कृति और पहचान का अहम हिस्सा है। इसके लिए उन्होंने विभिन्न मंचों पर अभियान चलाए और लोगों को जागरूक करने का काम किया।
संगीत जगत में शोक की लहर
केसी मालू के निधन की खबर सामने आने के बाद राजस्थान के कलाकारों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया। लोगों ने उन्हें राजस्थानी संस्कृति का सच्चा प्रहरी बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
वीणा कैसेट के जरिए उन्होंने राजस्थान की लोक परंपराओं, गीत-संगीत और कलाकारों को संरक्षित करने का काम किया। उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
अंतिम विदाई की तैयारी
परिजनों के अनुसार, केसी मालू का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में कलाकारों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों के शामिल होने की संभावना है।
केसी मालू का जाना राजस्थान के सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने संगीत, भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए जो काम किया, वह हमेशा याद किया जाएगा। उनका जीवन राजस्थानी कला और भाषा के प्रति समर्पण की मिसाल रहेगा।
