जयपुर में मानसून की पहली बारिश बनी मुसीबत, टोंक रोड पर धंसी सड़क, वीडियो में देंखे 20 फीट चौड़ा गड्ढा बनने से मचा हड़कंप
राजधानी जयपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। शुक्रवार दोपहर बाद हुई बारिश के दौरान शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक टोंक रोड पर अचानक सड़क धंस गई। देखते ही देखते सड़क के बीचोंबीच करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात प्रभावित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क धंसने की घटना अचानक हुई। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा वाहन या राहगीर गड्ढे की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
मौके पर पहुंचीं प्रशासनिक टीमें
घटना की जानकारी मिलते ही जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर क्षतिग्रस्त हिस्से के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।सड़क धंसने के कारण टोंक रोड पर कुछ समय तक यातायात बाधित रहा। पुलिसने ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया, जिससे जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
भारी मशीनों से शुरू हुआ मरम्मत कार्य
प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए भारी मशीनों और निर्माण उपकरणों की मदद से गड्ढे को भरने और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराया। इंजीनियरों की टीम ने मौके का निरीक्षण कर सड़क धंसने के कारणों की भी जांच शुरू की।अधिकारियों के अनुसार, पहले क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित बनाया जाएगा और उसके बाद तकनीकी जांच के आधार पर सड़क का स्थायी पुनर्निर्माण किया जाएगा।
पहली बारिश में ही खुली तैयारियों की पोल
मानसून की पहली ही बारिश में सड़क धंसने की घटना ने शहर की निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहली बारिश में ही प्रमुख सड़क इस तरह धंस सकती है, तो आने वाले दिनों में भारी बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। नागरिकों ने प्रशासन से बरसात से पहले सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम की बेहतर जांच और रखरखाव की मांग की है।
कारणों की होगी तकनीकी जांच
फिलहाल संबंधित विभाग सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई होगी या फिर भूमिगत सीवरेज अथवा पाइपलाइन में रिसाव जैसी कोई तकनीकी समस्या रही होगी। हालांकि, वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक निर्धारित यातायात निर्देशों का पालन करें और बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र से दूरी बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाकर यातायात के लिए पूरी तरह खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
