राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की इकाई-8 अप्रैल में होगी पहली क्रिटिकलिटी, डी. सुब्बाराव का बड़ा बयान
राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक डी. सुब्बाराव ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि देश की चौथी स्वदेशी तकनीक से निर्मित राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना (RAPP) की इकाई-8 की पहली क्रिटिकलिटी अप्रैल माह में होने की संभावना है।
डी. सुब्बाराव ने बताया कि इकाई-8 में प्रयुक्त तकनीक पूरी तरह से देशी और स्वदेशी है, जिसे भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने विकसित किया है। इस इकाई के संचालन से न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में सुरक्षित और स्थिर परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
स्थल निदेशक ने आगे कहा कि इकाई-8 की पहली क्रिटिकलिटी का मतलब है कि परमाणु रिएक्टर में न्यूक्लियर चेन रिएक्शन स्थायी रूप से शुरू हो जाएगी। इसके बाद परीक्षण और सुरक्षा मानकों के तहत इसे पूर्ण क्षमता पर ऊर्जा उत्पादन के लिए तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इकाई-8 के संचालन से राज्य में विकास, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान होगा। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा।
डी. सुब्बाराव ने बताया कि इकाई-8 की सुरक्षा और तकनीकी परीक्षणों पर सख्त निगरानी और निरीक्षण किया जा रहा है। सभी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा और संचालन से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
राजस्थान परमाणु परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, इकाई-8 के पूर्ण संचालन से राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे उद्योग, आवासीय क्षेत्रों और सार्वजनिक सेवाओं को विश्वसनीय और स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
विशेषज्ञों ने कहा कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह परियोजना भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। डी. सुब्बाराव के बयान से यह संकेत मिलता है कि भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय तकनीक और दक्षता हासिल करने की दिशा में लगातार अग्रसर है।
इस प्रकार, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना की इकाई-8 की पहली क्रिटिकलिटी अप्रैल 2026 में होने जा रही है। यह कदम न केवल राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे देश में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
