नया गांव के मोक्षधाम श्मशान घाट की बदहाल स्थिति, सालभर भरा रहता है पानी; अंतिम संस्कार में लोगों को परेशानी
शहर के नया गांव में सरकारी स्कूल के सामने स्थित मोक्षधाम सेवा समिति श्मशान घाट की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। श्मशान घाट के अधिकतर हिस्से में सालभर पानी भरा रहता है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं और पूरा परिसर जलभराव की चपेट में आ जाता है। इससे अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, श्मशान घाट में पानी जमा रहने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। श्मशान घाट जैसे जरूरी सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की बदहाली से लोगों में नाराजगी है। अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिजनों को पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है। वहीं, बच्चों को दफनाने के दौरान भी परेशानी होने की बात सामने आई है।
बारिश में और बिगड़ जाते हैं हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी श्मशान घाट के बड़े हिस्से में पानी भरा रहता है। बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। परिसर में जलभराव बढ़ने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आने वाले लोगों को असुविधा झेलनी पड़ती है।
लोगों के मुताबिक, श्मशान घाट का परिसर साफ-सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए, ताकि दुख की घड़ी में आने वाले परिवारों को किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े। लेकिन लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या के कारण परिसर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों ने संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार विभाग से श्मशान घाट की स्थिति सुधारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए जलभराव के कारणों का पता लगाकर जरूरी सुधार कार्य कराए जाने की आवश्यकता है।
लोगों की मांग है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर समस्या को गंभीरता से ले और जल्द कार्रवाई करे। श्मशान घाट में पानी भरने की समस्या का समाधान होने से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी।
फिलहाल, नया गांव स्थित मोक्षधाम सेवा समिति श्मशान घाट में जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी बनी हुई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कब तक कदम उठाता है। प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
