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कोटपूतली-बहरोड़ में जर्जर मकान का छज्जा गिरा, वीडियो में देखें लैब टेक्नीशियन की मौत, जुड़वा बच्चे घायल

कोटपूतली-बहरोड़ में जर्जर मकान का छज्जा गिरा, वीडियो में देखें लैब टेक्नीशियन की मौत, जुड़वा बच्चे घायल
 
कोटपूतली-बहरोड़ में जर्जर मकान का छज्जा गिरा, वीडियो में देखें लैब टेक्नीशियन की मौत, जुड़वा बच्चे घायल

बहरोड़ के खटीकों मोहल्ले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक लैब टेक्नीशियन की मौत हो गई और उसके जुड़वा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। युवक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था कि इसी दौरान करीब 100 साल पुराने जर्जर मकान का छज्जा उसके ऊपर गिर गया।

हादसा सुबह 8 बजे हुआ। मृतक युवक दयाराम बसवाल अपने घर से बच्चों को बाइक पर बैठा कर स्कूल छोड़ने निकले थे। जैसे ही वे घर से लगभग 10 मीटर दूर पहुंचे, मकान का पुराना छज्जा उनके ऊपर गिर गया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके जुड़वा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मकान करीब 100 साल पुराना था और पिछले 10 साल से बंद था। मकान जर्जर हालत में था और इसके छज्जे के गिरने की आशंका लंबे समय से बनी हुई थी। हादसे का वीडियो भी बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें घटनास्थल की भयावह स्थिति साफ दिखाई दे रही है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बता रहे हैं कि मकान मालिक और इलाके में रहने वालों से पूछताछ की जा रही है कि मकान की जर्जर स्थिति के बावजूद उसे सुरक्षित बनाने या चेतावनी देने में लापरवाही हुई या नहीं।

पुराने और जर्जर मकानों का रख-रखाव नगरों में सुरक्षा का बड़ा मसला है। अक्सर ऐसे मामले मानव जीवन के लिए खतरनाक साबित होते हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम को ऐसे पुराने मकानों की नियमित निरीक्षण और बंदिश पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दयाराम बसवाल और उसके बच्चों की यह घटना इलाके में चिंता का विषय है। वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि ऐसे जर्जर मकानों को तुरंत चिन्हित कर बंद या सुधार किया जाए, ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे।

हादसे ने यह भी दर्शाया कि पुराने मकानों के आसपास रहने वाले लोग और राहगीर सुरक्षा की दृष्टि से सतर्क रहें। इस प्रकार की घटनाएं न केवल परिवारों के लिए त्रासदी बनती हैं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं। जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के अधिकारी मामले की पूरी गहन जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जर्जर मकान और उसकी देखरेख में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को चेताया है कि पुराने मकानों की सुरक्षा और निरीक्षण पर तुरंत ध्यान देना कितना जरूरी है। दयाराम बसवाल और उसके बच्चों के साथ हुए इस दर्दनाक हादसे से इलाके में सुरक्षा के महत्व पर चर्चा शुरू हो गई है।