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रणथंभौर में बाघों के बीच टेरिटरी संघर्ष तेज: बढ़ती झड़पों से वन विभाग सतर्क

रणथंभौर में बाघों के बीच टेरिटरी संघर्ष तेज: बढ़ती झड़पों से वन विभाग सतर्क
 
रणथंभौर में बाघों के बीच टेरिटरी संघर्ष तेज: बढ़ती झड़पों से वन विभाग सतर्क

राजस्थान के प्रसिद्ध Ranthambore National Park में बाघों के बीच आपसी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। टेरिटरी (क्षेत्र) को लेकर आए दिन होने वाली झड़पों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पार्क में बाघों की बढ़ती संख्या और सीमित क्षेत्र के कारण यह संघर्ष अधिक देखने को मिल रहा है। नर बाघ अपने इलाके को सुरक्षित रखने के लिए अन्य बाघों को खदेड़ने की कोशिश करते हैं, जिससे कई बार गंभीर झड़प की स्थिति बन जाती है।

पिछले कुछ समय से पार्क के विभिन्न जोनों में बाघों के बीच आमने-सामने की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि अधिकतर मामलों में ये संघर्ष सीमित होते हैं, लेकिन कुछ घटनाओं में बाघ घायल भी हुए हैं।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है, लेकिन लगातार बढ़ते टकराव को देखते हुए निगरानी और कैमरा ट्रैपिंग सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रणथंभौर में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ शिकार और जल स्रोतों पर दबाव भी बढ़ रहा है, जिससे टेरिटरी संघर्ष की स्थिति बन रही है। इसके समाधान के लिए जंगल के विस्तार और कोरिडोर संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है।

पर्यटन से जुड़े गाइड और जिप्सी संचालकों का कहना है कि बाघों की यह गतिविधि पर्यटकों के लिए आकर्षण का विषय भी बन जाती है, लेकिन सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी सतर्कता बरतता है।