होली पर भी पाकिस्तान को नहीं भेजी जाएगी मिठाई, परंपरा पर लगा विराम बरकरार
भारत ने इस वर्ष होली के अवसर पर भी पाकिस्तान को मिठाई नहीं भेजने का निर्णय बरकरार रखा है। वर्षों से चली आ रही सीमा पर त्योहारों के दौरान मिठाई के आदान-प्रदान की परंपरा इस बार भी स्थगित रहेगी। सूत्रों के अनुसार, सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल को सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं कि वे पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ पारंपरिक मिठाई का आदान-प्रदान करें।
गौरतलब है कि होली, दिवाली और ईद जैसे प्रमुख त्योहारों पर दोनों देशों के सीमा बलों के बीच मिठाई बांटने की परंपरा वर्षों पुरानी रही है। इसे सीमावर्ती इलाकों में सद्भाव और शांति का प्रतीक माना जाता रहा है। हालांकि, द्विपक्षीय संबंधों में आए उतार-चढ़ाव के चलते पिछले कुछ समय से इस परंपरा पर विराम लगा हुआ है।
सीमा सुरक्षा बल के सूत्रों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलते, तब तक इस प्रकार का कोई औपचारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। वर्तमान में सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्कता के साथ जारी है और जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव की स्थिति के चलते इस तरह की प्रतीकात्मक पहलें फिलहाल टाली जा रही हैं। पिछले वर्षों में भी कई मौकों पर सुरक्षा कारणों और कूटनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए मिठाई के आदान-प्रदान को रोक दिया गया था।
जोधपुर सेक्टर सहित राजस्थान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात जवान त्योहारों के दौरान भी पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी निभाते हैं। सीमावर्ती गांवों के लोगों का कहना है कि पहले जब मिठाई का आदान-प्रदान होता था, तो उसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाता था। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और सरकार का निर्णय उसी दृष्टि से लिया जाता है।
