उदयपुर में थाने में हिरासत के दौरान ज्वेलर की संदिग्ध मौत, इलाके में भारी विरोध और हंगामे का सामने आया वीडियो
उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान एक ज्वेलर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। मृतक की पहचान डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा निवासी सुरेश पंचाल के रूप में हुई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है।
परिजनों का आरोप – पूछताछ के दौरान टॉर्चर
परिजनों का आरोप है कि सोमवार को चोरी के माल की खरीद-फरोख्त के संदेह में पुलिस सुरेश पंचाल को थाने लेकर आई थी। पूछताछ के दौरान पुलिस ने कथित रूप से उनके साथ शारीरिक प्रताड़ना (टॉर्चर) की, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यह मौत पुलिस की ज्यादती का नतीजा है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
पुलिस का पक्ष – तबीयत बिगड़ने से हुई मौत
वहीं, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान सुरेश की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत ऋषभदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इलाके में तनाव और विरोध प्रदर्शन
घटना की खबर फैलते ही ऋषभदेव और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन और हंगामा शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग थाने और अस्पताल के बाहर जमा हो गए। भीड़ ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
जांच के आदेश, पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से
जिला प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही, उच्चाधिकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी (क्राइम ब्रांच) को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
मानवाधिकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
यह मामला पुलिस हिरासत में मौत के संवेदनशील पहलू से जुड़ा होने के कारण मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। विपक्षी नेताओं ने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
