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जयपुर में निलंबित लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

 
जयपुर में निलंबित लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

राजधानी जयपुर के महेशनगर इलाके में बुधवार शाम एक निलंबित लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके से मिले सुसाइड नोट में मृतक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

पुलिस के अनुसार, लेक्चरर पिछले कुछ समय से निलंबित चल रहे थे। बुधवार शाम वे रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे और अचानक ट्रेन के आगे कूद गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है, “मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है।” नोट में उन्होंने पुलिस कार्रवाई और मानसिक दबाव का जिक्र किया है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग व अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद शव करीब तीन घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा। इस दौरान उसके ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं। लोगों का कहना है कि समय पर मदद या पुलिस नहीं पहुंची। बाद में एक स्थानीय व्यक्ति ने मानवता दिखाते हुए शव को ट्रैक से हटाकर किनारे रखा।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मृतक के परिजनों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जाएगी। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो विशेषज्ञों से मदद लेना जरूरी है। समय पर बातचीत और सहयोग से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।