GPS से होगी निगरानी, समाधान नहीं तो लगेगा जुर्माना; 41 शहरों में हर घर से प्लास्टिक कचरा उठाएगी 127 मोबाइल वैन
राजस्थान में प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। प्रदेश के 41 शहरों में 127 मोबाइल वैन घर-घर जाकर प्लास्टिक कचरा एकत्र करेंगी। इन वाहनों की गतिविधियों पर GPS के जरिए निगरानी रखी जाएगी। अभियान के तहत प्लास्टिक कचरा देने वाले लोगों को बदले में कपड़े के थैले भी दिए जाएंगे।
इस अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से दूर करना है।
GPS से होगी मोबाइल वैन की निगरानी
अभियान के तहत चलने वाली मोबाइल वैन के रूट और गतिविधियों की GPS के जरिए निगरानी की जाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि वाहन निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा या नहीं और घर-घर से कचरा संग्रहण की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।
अधिकारियों की ओर से अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार काम नहीं होने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
हर घर से प्लास्टिक कचरा जुटाने की योजना
127 मोबाइल वैन 41 शहरों में अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से प्लास्टिक कचरा एकत्र करेंगी। लोगों को अपने घरों में जमा प्लास्टिक अलग करके वैन को देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस पहल के जरिए प्लास्टिक को सामान्य कचरे से अलग करने और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्लास्टिक देने पर मिलेंगे कपड़े के थैले
अभियान में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्लास्टिक कचरा देने के बदले कपड़े के थैले उपलब्ध कराने की योजना है। इससे लोगों को बाजार में खरीदारी के दौरान प्लास्टिक की थैलियों के बजाय कपड़े के बैग इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि लोगों की भागीदारी से प्लास्टिक कचरे में कमी लाई जा सकती है।
समाधान नहीं तो जुर्माने की व्यवस्था
अभियान में केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि नियमों के पालन पर भी जोर दिया जाएगा। संबंधित समस्याओं का निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर जिम्मेदार लोगों या संस्थाओं पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रशासन का उद्देश्य प्लास्टिक कचरा संग्रहण को नियमित और प्रभावी बनाना है। GPS निगरानी के साथ मोबाइल वैन की व्यवस्था से अभियान की पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश के 41 शहरों में शुरू होने वाली यह पहल प्लास्टिक प्रदूषण कम करने और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इसके परिणामों के आधार पर अभियान का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
