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आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, वीडियो में जाने आज शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करने का आदेश

आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, वीडियो में जाने आज शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करने का आदेश
 
आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, वीडियो में जाने आज शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करने का आदेश

जोधपुर में नाबालिग से रेप के मामले में सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने मेडिकल आधार पर उनकी पैरोल बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने आसाराम को मंगलवार शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया। हालांकि, दी गई जानकारी के मुताबिक, निर्धारित समय तक आसाराम ने सरेंडर नहीं किया था।सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को आसाराम की सेहत का ध्यान रखने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उनकी चिकित्सा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। यह मामला आसाराम को दी गई 20 दिन की मेडिकल पैरोल की अवधि बढ़ाने से जुड़ा है।

इलाज जारी होने का दिया गया हवाला

आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए याचिका दायर की गई थी। उनके वकील ने अदालत को बताया कि आसाराम का इलाज अभी जारी है। वह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित गवर्नमेंट धन्वंतरि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इसी आधार पर पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी।बचाव पक्ष का कहना था कि इलाज पूरा नहीं होने के कारण आसाराम को कुछ और समय तक पैरोल पर रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की और उन्हें निर्धारित समय तक जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया।

राजस्थान हाईकोर्ट ने दी थी 20 दिन की पैरोल

आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को 20 दिन की मेडिकल पैरोल दी थी। यह पैरोल इलाज कराने के उद्देश्य से दी गई थी। पैरोल की अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई। इसके बाद आसाराम की ओर से इसे आगे बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया।पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद जेल में वापस लौटना जरूरी था। इसी सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर करने की समयसीमा तय की। अदालत ने पैरोल बढ़ाने से इनकार करते हुए राजस्थान सरकार को उनकी स्वास्थ्य संबंधी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

स्वास्थ्य को लेकर राजस्थान सरकार को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में आसाराम के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बात भी महत्वपूर्ण है। अदालत ने राजस्थान सरकार से कहा कि जेल में रहने के दौरान उनकी चिकित्सा जरूरतों का ख्याल रखा जाए। इससे साफ है कि पैरोल बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं किए जाने के बावजूद उनके इलाज और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।फिलहाल, इस मामले में अदालत के निर्देश के अनुसार आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, निर्धारित समय तक उनके सरेंडर नहीं करने की बात सामने आई थी। अब आगे की स्थिति उनके सरेंडर और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।