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जोजरी-बांडी-लूणी नदी संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सराहना, राजस्थान सरकार के प्रयासों को मिली सराहना

जोजरी-बांडी-लूणी नदी संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सराहना, राजस्थान सरकार के प्रयासों को मिली सराहना
 
जोजरी-बांडी-लूणी नदी संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सराहना, राजस्थान सरकार के प्रयासों को मिली सराहना

पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली जोजरी नदी, बांडी नदी और लूणी नदी के प्रदूषण से बचाने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बुधवार (18 मार्च) को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने राजस्थान सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और उच्च स्तरीय इकोसिस्टम ओवरसाइट समिति के कार्य की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि नदी तंत्र के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और इनसे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सुनवाई के दौरान शिव मंगल शर्मा ने सरकार की ओर से दलीलें पेश कीं। उनकी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसका निर्णय बाद में सुनाया जाएगा।

यह मामला पश्चिमी राजस्थान के पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नदियों का संरक्षण न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका और भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

राज्य सरकार और संबंधित समितियां लगातार प्रदूषण को कम करने और नदी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए काम कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई को इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, यह मामला अब न्यायिक स्तर पर महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुका है और आने वाले फैसले से इन नदियों के भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है।