मुफ्त दवा काउंटरों से शुगर, बीपी हार्ट की दवाएं गायब, वीडियो में देंखे SMS हॉस्पिटल में 1 माह से 50 से ज्यादा दवाएं नहीं
राजस्थान में सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को दी जा रही मुफ्त दवाइयां इन दिनों काउंटरों से गायब हो गई हैं। कई ऐसी दवाइयां हैं, जो पिछले एक महीने या उससे भी ज्यादा समय से सप्लाई में नहीं आई हैं। इनमें बीपी, शुगर, हार्ट जैसी क्रॉनिक बीमारियों की दवाइयां तो शामिल हैं ही, साथ ही खांसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों की दवाइयां और कफ सिरप भी नहीं मिल रही हैं। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस में इन दवाइयों के अलावा कई एंटीबायोटिक और न्यूरोलॉजिकल मरीजों के लिए दी जाने वाली दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं।
डीडीसी काउंटर पर दवाइयां देने वाले फार्मासिस्ट का कहना है कि पिछले एक महीने से दवाइयों की भारी कमी हो गई है। इस कारण बड़ी संख्या में मरीजों को बिना दवाइयों के काउंटर से ही वापस भेजना पड़ता है। बदलते मौसम के कारण वायरल इंफेक्शन के मामले बढ़ गए हैं, और खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं के मरीज भी काफी ज्यादा बढ़े हैं। ऐसे में पीएचसी, सीएचसी और बड़े अस्पतालों में खांसी की कफ सिरप और अन्य एंटीबायोटिक दवाइयां उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विभिन्न अस्पतालों में दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर्स से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनका इलाज महंगा हो जाता है। सरकारी अस्पतालों के काउंटर पर दवाइयां न मिलने के कारण लोग सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर सवाल उठाने लगे हैं। ऐसे में राज्य सरकार को जल्दी से जल्दी दवाइयों की सप्लाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि गरीब और वंचित वर्ग के लोग बिना किसी परेशानी के इलाज प्राप्त कर सकें।
