जयपुर एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में फिर अचानक आई गड़बड़ी, फुटेज में देंखे यात्रियों को झेलनी पड़ी मुश्किलें
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में फिर से गड़बड़ी देखने को मिली। एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट की जयपुर-दुबई उड़ानें अपने निर्धारित समय पर नहीं उड़ पाईं, जिससे कई यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, दुबई से जयपुर लौटने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट भी चार घंटे की देरी से पहुंची।
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-195 को सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर दुबई के लिए रवाना होना था। लेकिन विमान की कमी के कारण यह निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भर सकी। इसके बाद एयरलाइन द्वारा दूसरे विमान की व्यवस्था की गई और फ्लाइट सुबह 9 बजकर 2 मिनट पर दुबई के लिए रवाना हुई। इस देरी की वजह से कई यात्री अपनी बिजनेस मीटिंग और ट्रैवल प्लानिंग प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं।
वहीं, स्पाइसजेट की जयपुर-दुबई उड़ान भी निर्धारित समय से छूट गई। दुबई से लौटने वाली फ्लाइट को भी चार घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने एयरपोर्ट पर लंबी कतारों और अनिश्चितता के बीच समय बिताया। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें इस अचानक बदलाव की सूचना बहुत देर से दी गई, जिससे उनके ट्रैवल शेड्यूल में गड़बड़ी हुई।
इससे पहले भी जयपुर एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी और रद्द होने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, विमान की कमी, चालक दल की अनुपलब्धता और एयरलाइन के आपरेटिंग शेड्यूल में बदलाव इसकी प्रमुख वजह हैं। इसके चलते न सिर्फ यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी असर पड़ता है।
जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए अतिरिक्त सहायता काउंटर और जानकारी के लिए हेल्प डेस्क सक्रिय किया। एयरपोर्ट के अधिकारीयों ने बताया कि यात्रियों को समय पर जानकारी देने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि उड़ानों में देरी की स्थिति में एयरलाइन द्वारा दी गई सूचना पर ध्यान दें और आवश्यक मदद के लिए हेल्प डेस्क का उपयोग करें।
यात्रियों का कहना है कि इस तरह की देरी उनके ट्रैवल प्लानिंग को प्रभावित करती है। कुछ यात्री अपनी बिजनेस मीटिंग और अन्य शेड्यूल्ड कार्यक्रमों के लिए समय पर नहीं पहुंच पाए। वहीं, परिवार और पर्यटक भी इस अनिश्चितता से परेशान नजर आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी हवाई यातायात में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बढ़ते दबाव के चलते एयरलाइंस को बेहतर शेड्यूलिंग और फ्लाइट मैनेजमेंट पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यात्रियों की सुविधा और एयरपोर्ट संचालन के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याएं कम से कम हों।
जयपुर एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में हुई यह देरी एक बार फिर एयरलाइन और हवाईअड्डा प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के उपाय किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
