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नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र ने की आत्महत्या, शिक्षानगरी में पसरा मातम

नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र ने की आत्महत्या, शिक्षानगरी में पसरा मातम
 
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र ने की आत्महत्या, शिक्षानगरी में पसरा मातम

नीट परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और आक्रोश के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। शिक्षानगरी में एक छात्र ने कथित तौर पर परीक्षा रद्द होने से अवसाद में आकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार दोपहर हुई इस घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, छात्र लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और हाल ही में हुई परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव में था। परिजनों और साथियों का कहना है कि वह लगातार भविष्य को लेकर चिंतित और परेशान चल रहा था।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर छात्र अपने कमरे में था। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर आसपास के लोगों और साथियों को शक हुआ। जब कमरे का दरवाजा खोला गया तो छात्र मृत अवस्था में मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों व साथियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद छात्र समुदाय में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि लगातार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और अनिश्चितता के माहौल ने युवाओं पर गहरा मानसिक दबाव बना दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का तनाव पहले से ही छात्रों पर भारी होता है, लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं और बार-बार बदलाव होते हैं, तो इसका मानसिक असर और गंभीर हो सकता है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी घटना पर दुख जताते हुए छात्रों को मानसिक सहयोग देने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में स्थिर और भरोसेमंद व्यवस्था बेहद जरूरी है।

यदि कोई छात्र मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहा हो, तो परिवार और दोस्तों को उसके साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।