राशन वितरण में गड़बड़ी पर सख्ती, फुटेज में जानें कम तौल या हेरफेर पर होगी कड़ी कार्रवाई, खाद्य मंत्री का बडा बयान
प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि राशन की तौल में किसी भी तरह की कटौती या हेरफेर बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में अनियमितता सामने आई तो संबंधित राशन दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों को पूरा और सही तौल का राशन मिलना उनका अधिकार है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार के साथ अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि कई जगहों से कम तौल और गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
इसी क्रम में राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों पर पोस (POS) मशीनों से लिंक तौलन यंत्रों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मशीनों और तौल उपकरणों की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में ही राशन मिल रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान यदि किसी दुकान पर मशीन में छेड़छाड़, कम तौल या डेटा में गड़बड़ी पाई गई तो लाइसेंस निलंबन से लेकर रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही दोषी दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
खाद्य मंत्री ने कहा, “सरकार की मंशा साफ है। गरीब और जरूरतमंदों का हक कोई नहीं मार सकता। राशन वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
इस विशेष अभियान से राशन वितरण प्रणाली में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है। तकनीक आधारित निगरानी से कम तौल और फर्जीवाड़े की शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही लाभार्थियों का विश्वास भी मजबूत होगा।
प्रदेश में लाखों परिवार NFSA के तहत सस्ते दर पर राशन प्राप्त करते हैं। ऐसे में यह कदम सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है। सरकार का मानना है कि सख्ती से कार्रवाई करने पर भविष्य में गड़बड़ी की घटनाओं में कमी आएगी। अब सभी की नजर इस विशेष अभियान और उसकी कार्रवाई पर टिकी है, जिससे राशन व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके।
