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राजस्थान में स्लीपर बसों पर सख्ती, फुटेज में जानें बिना सुरक्षा इंतजाम और बस बॉडी कोड वाली बसों पर चलेगा परिवहन विभाग का डंडा

राजस्थान में स्लीपर बसों पर सख्ती, फुटेज में जानें बिना सुरक्षा इंतजाम और बस बॉडी कोड वाली बसों पर चलेगा परिवहन विभाग का डंडा
 
राजस्थान में स्लीपर बसों पर सख्ती, फुटेज में जानें बिना सुरक्षा इंतजाम और बस बॉडी कोड वाली बसों पर चलेगा परिवहन विभाग का डंडा

जैसलमेर में पिछले साल हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। इस हादसे ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ाई, बल्कि स्लीपर बसों के संचालन में हो रही लापरवाही को भी उजागर किया। अब इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान परिवहन विभाग ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार रात से राज्यभर में उन स्लीपर बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी, जिनमें तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

परिवहन विभाग के अनुसार, अब राजस्थान में ऐसी स्लीपर बसों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनमें इमरजेंसी गेट, गैंगवे (गलियारा), सेफ्टी हैमर और पैनिक बटन जैसी जरूरी सुरक्षा सुविधाएं मौजूद नहीं होंगी। ये सभी उपकरण किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में निजी स्लीपर बसें इन नियमों को नजरअंदाज कर रही थीं।

इसके साथ ही विभाग ने बसों में अवैध रूप से बनाए गए लगेज बॉक्स यानी डिक्की को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। नियमों के तहत स्लीपर बसों में यात्रियों के नीचे या रास्ते में सामान रखने की अनुमति नहीं होती, क्योंकि इससे आग लगने या दुर्घटना की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बाधित होता है। अब जिन बसों में अवैध डिक्की पाई जाएगी, उन्हें मौके पर ही जब्त किया जाएगा।

सबसे अहम फैसला बिना बस बॉडी कोड के चल रही स्लीपर बसों को लेकर लिया गया है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन बसों का बॉडी कोड प्रमाणित नहीं होगा, वे अब राजस्थान की सड़कों पर नहीं चल सकेंगी। बस बॉडी कोड यह सुनिश्चित करता है कि वाहन का निर्माण तय मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। बिना बॉडी कोड वाली बसें यात्रियों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं।

दरअसल, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने अवैध और नियमों की अनदेखी कर चल रही स्लीपर बसों पर देशभर में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्हीं निर्देशों के बाद राजस्थान परिवहन विभाग ने यह कठोर कदम उठाया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्लीपर बस ऑपरेटरों में हड़कंप मचा हुआ है। कई बस संचालक अब जल्दबाजी में अपनी बसों में जरूरी सुरक्षा उपकरण लगवाने और दस्तावेज पूरे करने में जुट गए हैं। वहीं, आम यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम बताया है।

कुल मिलाकर, राजस्थान में स्लीपर बसों पर शुरू होने जा रही यह सख्ती न केवल हादसों पर लगाम लगाने में मदद करेगी, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद सफर का अनुभव भी देगी। परिवहन विभाग ने साफ संकेत दे दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी।