बस अग्निकांड पर सख्ती: जज अब खुद करेंगे बसों की जांच, प्रदेशभर में एक महीने का विशेष अभियान शुरू
प्रदेश में लगातार सामने आ रही बस अग्निकांड की घटनाओं और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बीच अब न्यायपालिका ने सख्त कदम उठाया है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेश की निजी और सरकारी बसों की जांच के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जज खुद फील्ड में उतरकर बसों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पिछले कुछ समय से बसों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इसके बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बसों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और नियमों के पालन की जांच कराने का निर्णय लिया है।
अभियान के दौरान न्यायिक अधिकारी बसों की स्थिति का जायजा लेंगे और यह जांच करेंगे कि वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। इसमें बसों के दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण पत्र, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की जांच की जाएगी।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बस संचालकों को नियमों का पालन करने के लिए जिम्मेदार बनाना है। जांच के दौरान यदि किसी बस में गंभीर खामियां मिलती हैं तो संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह अभियान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चलाया जाएगा। इसमें निजी बसों के साथ-साथ सरकारी बसों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाए।
बस संचालकों में भी इस अभियान को लेकर हलचल बढ़ गई है। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर वाहनों की जांच और सुरक्षा नियमों का पालन होने से दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच न्यायपालिका की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि एक महीने तक चलने वाले इस विशेष अभियान के बाद कितनी बसों में खामियां सामने आती हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में बस संचालन व्यवस्था में सुधार आएगा और यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
