भीलवाड़ा में राज्य स्तरीय कृषि कार्यशाला, किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर हुआ मंथन
खेती को मुनाफे का व्यवसाय बनाने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तहत बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र, आरजिया (भीलवाड़ा) में राज्य स्तरीय कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का आयोजन उद्यान विभाग की ओर से किया गया, जिसमें विशेष रूप से हाईटेक उद्यानिकी, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण तकनीक पर चर्चा और मंथन किया गया। किसानों, कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया और आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों के उपयोग पर जानकारी साझा की।
कार्यशाला में किसानों को उन्नत बीजों, कीट नियंत्रण, सिंचाई प्रबंधन और जैविक उर्वरकों के उपयोग के तरीकों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही फल और सब्जियों के प्रसंस्करण और पैकेजिंग के आधुनिक तरीकों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि किसानों को उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके।
विशेषज्ञों ने बताया कि हाईटेक उद्यानिकी और प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाने से किसानों की आय बढ़ सकती है और कृषि को व्यवसायिक दृष्टि से सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण और प्रायोगिक डेमो के माध्यम से नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यशाला में भाग लेने वाले किसानों ने कहा कि इस प्रकार की राज्य स्तरीय कार्यशालाएं उन्हें नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों के बारे में जानने का अवसर देती हैं। इससे कृषि उत्पादन में सुधार और लागत में कमी लाकर लाभ बढ़ाने में मदद मिलती है।
केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक कृषि विधियों से जुड़े और खेती को लाभकारी व्यवसाय बना सकें। इस कार्यशाला ने किसानों, विशेषज्ञों और उद्यानिकी विभाग के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करने का अवसर भी प्रदान किया।
