फर्जी डिग्री रैकेट पर SOG की बड़ी कार्रवाई, वीडियो में देखें चेन्नई की यूनिवर्सिटी का डायरेक्टर गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फायर टेक्नीशियन और लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षाओं में फर्जी डिग्रियों के इस्तेमाल के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय फर्जी डिग्री रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में एसओजी ने चेन्नई स्थित भारत सेवक समाज (बीएसएस) यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी डायरेक्टर SAG मोएसन को बुधवार को चेन्नई से पकड़ा गया, जिसे अब जयपुर लाया जा रहा है।
एसओजी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भारत सेवक समाज यूनिवर्सिटी बिना किसी वैध सरकारी मान्यता और रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही थी। इसके बावजूद यहां से बड़ी संख्या में डिग्रियां जारी की जा रही थीं, जिनका इस्तेमाल विभिन्न सरकारी भर्तियों में किया गया। खासतौर पर राजस्थान में आयोजित फायर टेक्नीशियन और लाइब्रेरियन परीक्षाओं में इन फर्जी डिग्रियों के आधार पर अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा फर्जीवाड़ा वॉट्सऐप नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था। अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें कम समय में डिग्री दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी और फिर फर्जी डिग्री, मार्कशीट और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे। इन दस्तावेजों को इस तरह तैयार किया जाता था कि पहली नजर में वे पूरी तरह असली प्रतीत हों।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस तथाकथित यूनिवर्सिटी में 100 से अधिक प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे थे। इनमें शिक्षा, तकनीकी और अन्य व्यावसायिक कोर्स शामिल थे। इन कोर्सों के लिए न तो किसी नियामक संस्था की अनुमति ली गई थी और न ही किसी तरह की मान्यता मौजूद थी। इसके बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र यहां से डिग्रियां हासिल कर रहे थे।
एसओजी अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े के चलते अब हजारों डिग्रियां जांच के दायरे में आ गई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन डिग्रियों का इस्तेमाल किन-किन सरकारी और निजी भर्तियों में किया गया है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है।
राजस्थान पुलिस को आशंका है कि यह मामला केवल एक यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य फर्जी संस्थानों से भी जुड़े हो सकते हैं। आरोपी डायरेक्टर से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। एसओजी उसे जयपुर लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी और उसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और भर्ती एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्रियों के आधार पर परीक्षाएं दी हैं या नौकरी हासिल की है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी डिग्री रैकेट के इस खुलासे ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में सत्यापन की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। एसओजी की इस कार्रवाई को बड़े स्तर पर चल रहे शैक्षणिक फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
