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सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं को दुकानदारों में लाठी डंडो से पीटा, बैग खोने से भड़का विवाद का सामने आया वीडियो

सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं को दुकानदारों में लाठी डंडो से पीटा, बैग खोने से भड़का विवाद का सामने आया वीडियो
 
सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं को दुकानदारों में लाठी डंडो से पीटा, बैग खोने से भड़का विवाद का सामने आया वीडियो

चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में शनिवार को श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच अचानक विवाद हो गया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। रविवार को घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

कैसे भड़का विवाद

जानकारी के अनुसार, एक श्रद्धालु का बैग गायब हो गया। इसी को लेकर श्रद्धालु और दुकानदारों के बीच कहासुनी हो गई। कहा जा रहा है कि श्रद्धालु ने दुकानदारों पर बैग गायब करने का शक जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। मामला इतना बढ़ा कि दुकानदार लाठियां लेकर आ गए और श्रद्धालुओं से मारपीट शुरू कर दी।

श्रद्धालुओं ने भी किया पलटवार

मारपीट होते देख श्रद्धालु भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने सड़क पर पड़े पत्थर उठाए और दुकानदारों की ओर फेंकने लगे। इस दौरान मंदिर परिसर के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। कई लोग बीच-बचाव के लिए आगे आए लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था।

पुलिस की एंट्री से थमा मामला

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को किसी तरह शांत करवाया और भीड़ को तितर-बितर किया। थानाधिकारी ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर आगे से इस तरह की घटनाएं हुईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो वायरल होने से बढ़ी हलचल

हालांकि घटना शनिवार को हुई थी, लेकिन इसका वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प और पत्थरबाजी साफ दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

श्रद्धालुओं की चिंता

घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता और आक्रोश है। मंदिर में बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन को अधिक सख्ती से निगरानी रखनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।