जयपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, वीडियो में देंखे डॉक्टर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक फ्लैट से डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। यह पूरा गिरोह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन का इस्तेमाल कर गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण करता था।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों द्वारा गुप्त तरीके से ग्राहकों को बुलाकर इस गैरकानूनी काम को अंजाम दिया जा रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब टीम को इस अवैध गतिविधि की सूचना मिली। इसके बाद एक सुनियोजित डिकॉय ऑपरेशन तैयार किया गया, जिसमें एक महिला कर्मचारी को ग्राहक बनाकर आरोपियों के संपर्क में भेजा गया।
जांच के दौरान आरोपियों ने भ्रूण का लिंग बताने के लिए 80 हजार रुपए की मांग की। इसके बाद महिला को जयपुर के एक फ्लैट पर बुलाया गया, जहां पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए जांच की जानी थी। जैसे ही आरोपियों ने प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की, पहले से तैयार टीम ने मौके पर दबिश दी और तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने किया, जबकि टीम में सीआई सत्यापाल यादव भी शामिल थे। अधिकारियों ने मौके से मशीन और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस अवैध गतिविधि में किया जा रहा था।
नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया कि विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि जयपुर में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने मिलकर यह कार्रवाई की।
गौरतलब है कि भारत में भ्रूण लिंग परीक्षण पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग अवैध रूप से इस तरह की गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, जो सामाजिक संतुलन के लिए गंभीर खतरा है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।
