उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप, वीडियो में देंखे कई शहरों में पारा 45 डिग्री के करीब
देश के उत्तरी-पश्चिमी राज्यों और मध्य भारत में भीषण गर्मी का दौर तेज हो गया है। अप्रैल के महीने में ही तापमान जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसने लोगों को झुलसा कर रख दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जो आमतौर पर मई-जून में देखने को मिलता है।
शनिवार को राजनांदगांव और वर्धा देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भी कई शहरों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। बांदा में 44.6 डिग्री, आदिलाबाद में 44.3 डिग्री, जबकि नागपुर और अमरावती में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, रतलाम में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कई शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। यानी मई की शुरुआत से पहले ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में आज रात के समय भी लू चलने की संभावना है, जो आमतौर पर कम ही देखने को मिलती है। यह संकेत है कि इस बार गर्मी का असर ज्यादा व्यापक और गंभीर हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम पैटर्न के कारण तापमान में इस तरह की असामान्य बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लगातार बढ़ती गर्मी न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है, बल्कि जल संकट और बिजली की मांग को भी बढ़ा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, अधिक मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।फिलहाल, देश के कई हिस्सों में गर्मी का यह दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है, ताकि लू और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।
