जयपुर SMS अस्पताल में अब बिना सूचना रेफर नहीं होंगे गंभीर मरीज, वीडियो में जाने डॉक्टर और यूनिट हेड पर होगी कार्रवाई
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में गंभीर मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है। अब जनाना अस्पताल, महिला चिकित्सालय, कांवटिया अस्पताल समेत अन्य संबद्ध अस्पताल बिना पूर्व सूचना दिए गंभीर मरीजों और प्रसूताओं को SMS अस्पताल की इमरजेंसी में रेफर नहीं कर सकेंगे। SMS मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक सप्ताह के भीतर इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है।नई व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर मरीजों के इलाज में होने वाली देरी को कम करना और इमरजेंसी में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके तहत मरीज को रेफर करने से पहले SMS अस्पताल की इमरजेंसी को उसकी स्थिति और संबंधित जानकारी देनी होगी। साथ ही मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री निर्धारित प्रोफार्मा में भरकर भेजना अनिवार्य होगा।
बिना सूचना मरीज भेजने से बढ़ रही थी परेशानी
SMS मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि संबद्ध अस्पताल गंभीर मरीजों को बिना पूर्व सूचना दिए इमरजेंसी में भेज रहे हैं। ऐसे मामलों में मरीज के पहुंचने के बाद ही इमरजेंसी स्टाफ को उसकी स्थिति और इलाज से संबंधित जानकारी मिल पाती है।इससे कई बार मरीज और उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को भी मरीज के पहुंचने के बाद तत्काल इलाज की व्यवस्था करने में दिक्कत होती है। मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और उसकी स्थिति की जानकारी पहले से नहीं मिलने के कारण इलाज की तैयारी प्रभावित हो सकती है।प्रशासन का मानना है कि रेफरल से पहले सूचना मिलने पर इमरजेंसी टीम मरीज की गंभीरता के अनुसार जरूरी व्यवस्थाएं कर सकेगी।
नई SOP में मेडिकल हिस्ट्री देना अनिवार्य
प्रस्तावित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत मरीज को रेफर करने वाले अस्पताल को उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री निर्धारित प्रोफार्मा में भेजनी होगी। इसमें मरीज की स्थिति और इलाज से जुड़ी आवश्यक जानकारी शामिल करनी होगी, ताकि SMS अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को उपचार शुरू करने में आसानी हो।यह व्यवस्था गंभीर मरीजों और प्रसूताओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि ऐसे मामलों में समय पर इलाज और सही जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है।
नियम तोड़ने पर डॉक्टर और यूनिट हेड पर कार्रवाई
नई SOP में बिना सूचना दिए मरीज रेफर करने पर जिम्मेदारी तय करने का भी प्रावधान रखा गया है। यदि कोई अस्पताल बिना पूर्व सूचना के गंभीर मरीज को SMS अस्पताल की इमरजेंसी में भेजता है, तो संबंधित यूनिट हेड और मरीज को रेफर करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।इससे संबद्ध अस्पतालों में रेफरल प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और डॉक्टरों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक सप्ताह में लागू हो सकती है व्यवस्था
SMS मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था एक सप्ताह के भीतर शुरू करने की तैयारी है। इसके लागू होने के बाद संबद्ध अस्पतालों को गंभीर मरीजों को रेफर करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।नई SOP का असर मरीजों के इलाज, इमरजेंसी प्रबंधन और अस्पतालों के बीच समन्वय पर पड़ सकता है। हालांकि, व्यवस्था के वास्तविक परिणाम इसके लागू होने के बाद ही सामने आएंगे।
