SMS अस्पताल में स्क्रब टाइफस का कहर, 3 महीने में 15 मरीजों की मौत; सितंबर में सबसे ज्यादा मामले
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में स्क्रब टाइफस से मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले तीन महीनों जुलाई, अगस्त और सितंबर में अस्पताल में स्क्रब टाइफस से संक्रमित 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सितंबर महीने में मौतों की संख्या सबसे ज्यादा रही।
तीन महीने में 15 लोगों की मौत
SMS अस्पताल में जुलाई से सितंबर के बीच स्क्रब टाइफस के मरीजों का इलाज किया गया। इस दौरान संक्रमण की वजह से 15 मरीजों की जान चली गई। इनमें सितंबर में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं।
स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो संक्रमित माइट के काटने से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बारिश के बाद बढ़ता है संक्रमण का खतरा
बारिश और उसके बाद का मौसम स्क्रब टाइफस के संक्रमण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। खेतों, झाड़ियों और घास वाले इलाकों में रहने या वहां संपर्क में आने वाले लोगों को संक्रमित माइट के संपर्क में आने का खतरा रहता है।
समय पर पहचान और इलाज नहीं मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में लंबे समय तक तेज बुखार रहने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
सितंबर में सबसे ज्यादा मौतें
पिछले तीन महीनों में सितंबर में स्क्रब टाइफस से मौतों का आंकड़ा सबसे अधिक रहा। इससे संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के स्तर पर सतर्कता जरूरी हो गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार के साथ शरीर में दर्द, कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
