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राजस्थान में स्कूल खुलेंगे 1 अप्रैल से, 10 साल बाद बदला स्कूलों का समय

राजस्थान में स्कूल खुलेंगे 1 अप्रैल से, 10 साल बाद बदला स्कूलों का समय
 
राजस्थान में स्कूल खुलेंगे 1 अप्रैल से, 10 साल बाद बदला स्कूलों का समय

राजस्थान शिक्षा विभाग ने इस सत्र में राज्य के स्कूलों को 1 अप्रैल से खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार स्कूलों के समय में बड़े बदलाव किए गए हैं। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि 10 साल बाद स्कूलों का समय बदला गया है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए नई व्यवस्था लागू होगी।

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, नए सत्र के तहत 1 अप्रैल से स्कूल खुलेंगे और 15 मई तक नियमित पढ़ाई जारी रहेगी। इसके बाद विद्यार्थियों और स्कूल कर्मचारियों को 16 मई से 20 जून तक गर्मियों की छुट्टी रहेगी। इस बदलाव का उद्देश्य न केवल छात्रों के लिए पढ़ाई और आराम का संतुलन बनाना है, बल्कि शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्थित शेड्यूल सुनिश्चित करना है।

विभाग का कहना है कि पिछले दशकों में स्कूलों का समय बदलने की आवश्यकता महसूस की गई थी। विशेषज्ञों और शिक्षा सलाहकारों के सुझाव के आधार पर यह फैसला लिया गया है। स्कूलों का नया समय और सत्र-संरचना विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

राजस्थान के विभिन्न जिलों के स्कूलों में इस बदलाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्राचार्यों और शिक्षकों को नए शेड्यूल के अनुसार तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्कूलों में सुविधाओं और संसाधनों को समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों का पढ़ाई के प्रति उत्साह बना रहेगा और वे आगामी परीक्षाओं और पाठ्यक्रम में पीछे नहीं रहेंगे।

विशेषज्ञ मानते हैं कि स्कूलों के समय और सत्र में यह बदलाव शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा। प्रारंभिक शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में आराम और पढ़ाई का संतुलन छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इसके अलावा, यह बदलाव राज्य के शिक्षा ढांचे में लंबे समय तक स्थायी सुधार का संकेत भी देता है।

माता-पिता और अभिभावकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नए समय और सत्र व्यवस्था से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ परिवारिक जीवन में भी संतुलन बनेगा। अभिभावक उम्मीद कर रहे हैं कि शिक्षा विभाग आगामी वर्षों में इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर समीक्षा करेगा।

इस प्रकार, राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा 1 अप्रैल से स्कूल खोलने और 10 साल बाद स्कूल समय बदलने का निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए नए सत्र की तैयारी का संकेत है। विभाग लगातार इस बदलाव के लिए प्रयासरत है और सुनिश्चित कर रहा है कि स्कूल खुलने पर सभी सुविधाएं और व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध हों।