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सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में महिला फैकल्टी ने प्रोफेसर पर लगाए छेड़छाड़ के आरोप, फुटेज में जानें जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मामला उजागर

सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में महिला फैकल्टी ने प्रोफेसर पर लगाए छेड़छाड़ के आरोप, फुटेज में जानें जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मामला उजागर
 
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में महिला फैकल्टी ने प्रोफेसर पर लगाए छेड़छाड़ के आरोप, फुटेज में जानें जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मामला उजागर

राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में एक महिला फैकल्टी द्वारा अपने ही विभाग के प्रोफेसर पर बदसलूकी और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच करवाई, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को प्रिंसिपल को सौंप दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और अब इस प्रकरण को लेकर उच्च स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, महिला प्रोफेसर ने करीब एक महीने पहले कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने अपने विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।

प्रिंसिपल ने इस मामले की जांच के लिए सीनियर प्रोफेसर डॉ. एस.एम. शर्मा की निगरानी में एक जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। कमेटी ने शिकायतकर्ता और संबंधित प्रोफेसर सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए और सभी तथ्यों की समीक्षा की।

सोमवार को जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रिंसिपल को सौंप दी है। हालांकि, रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकाले गए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और कॉलेज प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।

इधर, इस मामले को राज्य स्तर पर भी गंभीरता से लिया गया है। गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा विभाग ने भी इस प्रकरण में संज्ञान लिया है। उन्होंने दो वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाकर मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह टीम पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। कॉलेज प्रशासन और चिकित्सा विभाग दोनों ही इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई के संकेत दे रहे हैं।

यह मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी और कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, सभी की नजर कॉलेज प्रशासन और राज्य सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।