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मातेश्वरी तनोटराय प्रांगण से जयपुर के लिए रवाना हुई ‘ओरण बचाओ’ पैदल यात्रा, रामगढ़ में ग्रामीणों ने किया स्वागत

मातेश्वरी तनोटराय प्रांगण से जयपुर के लिए रवाना हुई ‘ओरण बचाओ’ पैदल यात्रा, रामगढ़ में ग्रामीणों ने किया स्वागत
 
मातेश्वरी तनोटराय प्रांगण से जयपुर के लिए रवाना हुई ‘ओरण बचाओ’ पैदल यात्रा, रामगढ़ में ग्रामीणों ने किया स्वागत

मातेश्वरी तनोटराय प्रांगण से शुरू हुई ‘ओरण बचाओ’ पैदल यात्रा शुक्रवार को रामगढ़ पहुंची। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने पैदल यात्रियों का जोरदार स्वागत किया और आगमन पर उन्हें पुष्प वर्षा के माध्यम से सम्मानित किया। स्थानीय लोग और ग्रामीणों की भारी भीड़ ने इस कार्यक्रम को भव्य रूप दिया।

सुमरसिंह के नेतृत्व में आयोजित यह पैदल यात्रा राज्य में जल संरक्षण और ग्राम्य जीवन में ओरण (बरसाती जलाशय) की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई है। पैदल यात्रा का मार्ग मातेश्वरी तनोटराय प्रांगण से शुरू होकर कई गांवों और कस्बों से गुजरता हुआ जयपुर तक जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने इस पहल को सराहा और आयोजकों का उत्साहवर्धन किया।

रामगढ़ पहुंचते ही पैदल यात्रा के सदस्य तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों और पैदल यात्रियों ने ओरण संरक्षण की वर्तमान स्थिति और स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। तहसीलदार ने ग्रामीणों और यात्रियों की इस पहल की सराहना की और कहा कि प्रशासन इस दिशा में सहयोग के लिए तत्पर है।

ज्ञापन सौंपने के बाद पैदल यात्रा के सदस्य तहसील कार्यालय के बाहर ग्रामीणों से मिले और उन्हें ओरण संरक्षण के महत्व और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहल ग्रामीण समुदाय के लिए महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई है, जिससे बच्चों और युवाओं में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

सुमरसिंह ने बताया कि ‘ओरण बचाओ’ पैदल यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं बल्कि ग्राम स्तर पर जल संरक्षण के लिए जनजागरूकता का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी और जल संरक्षण की अनदेखी से ग्रामीण जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी दिशा में यह पैदल यात्रा ग्रामीणों को सक्रिय करने और स्थानीय प्रशासन को भी संदेश देने का एक प्रयास है।

पैदल यात्रा के दौरान आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक ग्राम और कस्बा जहां से यह यात्रा गुजरती है, वहां स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा और उन्हें जल संरक्षण, ओरण की मरम्मत और सतत उपयोग के महत्व से अवगत कराया जाएगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीण समुदाय स्वयं अपने क्षेत्र में जल संरक्षण की पहल को मजबूती से लागू करें।

रामगढ़ में आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी शामिल हुए। उन्होंने यात्रा के उद्देश्य का समर्थन किया और ग्रामीण जीवन में जल संरक्षण के महत्व पर अपनी राय साझा की। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस तरह की पहलकदमी से उन्हें अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में जल संकट के प्रति गंभीर होने का संदेश मिला है।

इस प्रकार ‘ओरण बचाओ’ पैदल यात्रा ने रामगढ़ में न केवल ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया बल्कि जल संरक्षण के प्रति उनकी सोच में भी सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया। पैदल यात्रा अगले कई गांवों से होकर जयपुर के लिए आगे बढ़ेगी और यह आंदोलन राज्यभर में जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा।