बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन तेज, साधु-संन्यासी आमरण अनशन पर बैठे; वसुंधरा राजे ने जताया समर्थन
राजस्थान में खेजड़ी बचाओ आंदोलन और तेज हो गया है। बीकानेर में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग आमरण अनशन पर बैठे। बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे आंदोलन के दूसरे दिन साधु और संन्यासी भी अनशन में शामिल हुए, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली।
इस बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने भी आंदोलन के समर्थन में कदम रखा। उन्होंने कहा कि “राजनीति से ऊपर उठकर हमें खेजड़ी के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए और इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है।”
आंदोलनकारियों ने खेजड़ी वृक्षों की कटाई रोकने और राज्य सरकार से ठोस संरक्षण नीति लागू करने की मांग दोहराई। साधु-संन्यासी और ग्रामीणों की भागीदारी ने आंदोलन को सार्वजनिक और सामाजिक समर्थन दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पर्यावरण और वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंदोलन न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि लोगों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने का भी काम करेगा।
