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सरस डेयरी में 9 हजार लीटर दूध में केमिकल और एडिबल ऑयल की मिलावट का आरोप, खुलासे के बाद जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश!

सरस डेयरी में 9 हजार लीटर दूध में केमिकल और एडिबल ऑयल की मिलावट का आरोप, खुलासे के बाद जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश!
 
सरस डेयरी में 9 हजार लीटर दूध में केमिकल और एडिबल ऑयल की मिलावट का आरोप, खुलासे के बाद जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश!

उदयपुर में शुद्धता का दावा करने वाली सरस डेयरी में मिलावट का बड़ा मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (सरस डेयरी) में मावली रूट से आए एक टैंकर के दूध में केमिकल और एडिबल ऑयल मिलाए जाने का मामला उजागर हुआ है। टैंकर में करीब 9 हजार लीटर दूध था। मिलावट के खुलासे के बाद अब मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, आरोप लग रहे हैं कि मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मावली रूट से सरस डेयरी पहुंचे दूध के टैंकर में मिलावट की आशंका सामने आई थी। जांच के दौरान करीब 9 हजार लीटर दूध में केमिकल और एडिबल ऑयल की मिलावट का मामला उजागर हुआ। यह खुलासा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि सरस डेयरी उपभोक्ताओं को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराने का दावा करती है।

9 हजार लीटर दूध में मिली मिलावट

मावली रूट से आए टैंकर में बड़ी मात्रा में दूध भरा हुआ था। इसमें केमिकल और एडिबल ऑयल की मिलावट सामने आने के बाद डेयरी की गुणवत्ता जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में मिलावट वाला दूध डेयरी तक कैसे पहुंचा और परिवहन के दौरान इसकी जांच क्यों नहीं हो पाई।

दूध में मिलावट का मामला सामने आने के बाद संबंधित प्रक्रिया और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच किए जाने की जरूरत है। साथ ही यह भी पता लगाना महत्वपूर्ण है कि मिलावट की जानकारी समय रहते कैसे सामने आई।

खुलासे के बाद जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल

मामला उजागर होने के बाद अब जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इससे डेयरी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला

दूध रोजमर्रा के खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चे, बुजुर्ग और परिवार के अन्य सदस्य नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं। ऐसे में दूध में केमिकल और एडिबल ऑयल की मिलावट का मामला उपभोक्ताओं की सेहत के लिहाज से गंभीर है।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि डेयरी प्रबंधन और संबंधित जांच एजेंसियां मामले में क्या कार्रवाई करती हैं। टैंकर में मौजूद 9 हजार लीटर दूध का क्या किया गया, मिलावट की पुष्टि किस जांच में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल इस मामले ने सरस डेयरी की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था और दूध की शुद्धता के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।