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धौलपुर में सफाई कर्मियों का विरोध तेज, वेतन और पीएफ भुगतान न मिलने पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

धौलपुर में सफाई कर्मियों का विरोध तेज, वेतन और पीएफ भुगतान न मिलने पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
 
धौलपुर में सफाई कर्मियों का विरोध तेज, वेतन और पीएफ भुगतान न मिलने पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र में सफाई कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें न तो पूरा वेतन दिया जा रहा है और न ही ईएसआई (ESI) और पीएफ (PF) का भुगतान समय पर किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों ने एकजुट होकर उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा और उचित कार्रवाई की मांग की।

कर्मचारियों का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के संचालन में लगी संबंधित फर्म और एनजीओ द्वारा उनके साथ लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि नौकरी के नाम पर उन्हें केवल काम पर लगाया जाता है, लेकिन समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं दिए जाते, जिससे उनका जीवन-यापन कठिन होता जा रहा है।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्यरत सफाई कर्मियों ने बताया कि कई महीनों से उन्हें पूरा वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा, ईएसआई और पीएफ जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का भी लाभ नहीं दिया जा रहा, जो श्रमिकों के भविष्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है।

कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी कारण उन्हें मजबूर होकर सामूहिक रूप से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपना पड़ा।

धौलपुर प्रशासन से कर्मचारियों ने मांग की है कि फर्म और एनजीओ की कार्यप्रणाली की जांच की जाए और बकाया वेतन के साथ-साथ पीएफ और ईएसआई का तुरंत भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है।

स्थानीय अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि जल्द से जल्द इस मामले का समाधान निकाला जाए।

फिलहाल मामला जांच के चरण में है और सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर ठेका प्रथा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं को उजागर कर दिया है।