राजस्थान में आज से ठप हो सकती है सफाई व्यवस्था, वीडियो में जाने भर्ती समेत कई मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू
राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। सफाई कर्मचारी संगठनों और संघर्ष समिति ने शनिवार से सामूहिक अवकाश पर जाने और पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था ठप करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद जयपुर सहित सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में सफाई सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।राजस्थान में सफाई कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच टकराव गहराता नजर आ रहा है। लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की मांग कर रहे सफाई कर्मचारियों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए शनिवार से सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। आंदोलन के कारण प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सफाई कर्मचारी संगठनों और संयुक्त संघर्ष समिति ने शुक्रवार को आयोजित आमसभा में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया। बैठक में आरोप लगाया गया कि सरकार को कई बार ज्ञापन देने और वार्ता करने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में अब राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जा रहा है।आंदोलन के तहत जयपुर सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में सफाई कर्मचारी अपनी-अपनी हाजरी गाहों (उपस्थिति केंद्रों) पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना, रिक्त पदों को भरना और अन्य लंबित सेवा संबंधी मुद्दों का समाधान शामिल है। उनका आरोप है कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।प्रदेशव्यापी आंदोलन का सबसे अधिक असर शहरी क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहते हैं तो नगर निगमों और स्थानीय निकायों में कचरा संग्रहण, सड़क सफाई और अन्य स्वच्छता सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नगर निकाय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि शहरों में आवश्यक सेवाओं को यथासंभव जारी रखने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, यदि आंदोलन व्यापक स्तर पर सफल रहा तो कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता।राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस आंदोलन को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यदि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द बातचीत नहीं होती है तो आंदोलन लंबा खिंच सकता है।
फिलहाल सफाई कर्मचारी संगठनों ने सरकार से वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। अब सभी की नजर राज्य सरकार की अगली रणनीति पर टिकी है। यदि जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं होती, तो आने वाले दिनों में प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
