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RGHS में कैंसर मरीजों के इलाज के नियम बदले: अब डॉक्टर नहीं लिख सकेंगे सीधे महंगी ब्रांडेड दवाएं, सस्ती दवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

RGHS में कैंसर मरीजों के इलाज के नियम बदले: अब डॉक्टर नहीं लिख सकेंगे सीधे महंगी ब्रांडेड दवाएं, सस्ती दवाओं को मिलेगी प्राथमिकता
 
RGHS में कैंसर मरीजों के इलाज के नियम बदले: अब डॉक्टर नहीं लिख सकेंगे सीधे महंगी ब्रांडेड दवाएं, सस्ती दवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

राजस्थान सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत कैंसर मरीजों के इलाज को लेकर नई गाइडलाइन लागू कर दी गई है। नए नियमों के अनुसार अब डॉक्टर मरीजों को सीधे महंगी और ब्रांडेड दवाएं नहीं लिख सकेंगे। मरीज की बीमारी और जरूरत के आधार पर किफायती और प्रभावी इलाज विकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी।

नई व्यवस्था का उद्देश्य कैंसर उपचार में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।

इलाज की लागत कम करने पर जोर

RGHS की नई गाइडलाइन के तहत डॉक्टरों को दवाओं के चयन में लागत प्रभावशीलता का ध्यान रखना होगा। अब मरीजों के लिए ऐसी दवाओं का चयन किया जाएगा, जो समान चिकित्सकीय प्रभाव के साथ कम कीमत में उपलब्ध हों।

इससे सरकारी योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों और सरकार दोनों पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।

ब्रांडेड दवाओं पर नियंत्रण

अब तक कई मामलों में मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं लिखी जाती थीं, जिससे इलाज का खर्च काफी बढ़ जाता था। नई गाइडलाइन के बाद डॉक्टरों को जरूरत के अनुसार दवा का चयन करना होगा और बिना उचित कारण के महंगी दवाएं लिखने पर रोक रहेगी।

विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर होगा इलाज

कैंसर जैसे गंभीर रोगों में मरीज की स्थिति, बीमारी के प्रकार और उपचार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। डॉक्टरों को मरीज की चिकित्सा आवश्यकता के अनुसार ही उपचार योजना तैयार करनी होगी।

मरीजों को मिलेगा आर्थिक लाभ

नई व्यवस्था से कैंसर मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय तक चलने वाले कैंसर उपचार में दवाओं का खर्च काफी अधिक होता है। ऐसे में किफायती इलाज विकल्प मिलने से मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिल सकती है।

RGHS में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल

अधिकारियों का कहना है कि नई गाइडलाइन का उद्देश्य इलाज की गुणवत्ता बनाए रखते हुए खर्च को नियंत्रित करना है। RGHS के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं।

नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब कैंसर मरीजों के इलाज में डॉक्टरों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।