यूरिया और डीएपी खरीदने के नियम बदले, ज्यादा खाद लेने पर जमाबंदी दिखाना जरूरी
किसानों के लिए खाद खरीदने से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। कृषि विभाग ने रविवार से एफएफएस के माध्यम से उर्वरक खरीदने के नियमों में बदलाव किया है। अब एक बार में 20 बैग यूरिया या 10 बैग अथवा इससे अधिक डीएपी खरीदने पर किसान को जमाबंदी दिखाना अनिवार्य होगा।
कृषि विभाग की ओर से यह व्यवस्था उर्वरकों की बिक्री और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित मात्रा से अधिक खाद खरीदने वाले किसानों को अपनी कृषि भूमि से संबंधित जमाबंदी प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद ही संबंधित मात्रा में उर्वरक की बिक्री की जा सकेगी।
विभाग के अनुसार, एफएफएस के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया में किसानों की भूमि संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए जमाबंदी को आधार बनाया जाएगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसान के पास कितनी कृषि भूमि है और उसके अनुसार उर्वरक की आवश्यकता कितनी है।
नई व्यवस्था का सीधा असर उन किसानों पर पड़ेगा जो एक बार में अधिक मात्रा में यूरिया या डीएपी खरीदते हैं। 20 बैग यूरिया तक या 10 बैग से कम डीएपी की खरीद के मामले में इस निर्धारित नियम के तहत जमाबंदी दिखाने की अनिवार्यता नहीं होगी। वहीं निर्धारित सीमा पूरी होने या उससे अधिक खरीद करने पर जमाबंदी प्रस्तुत करनी होगी।
कृषि विभाग की ओर से किसानों से अपील की गई है कि खाद खरीदने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी पहले से रखें, ताकि उर्वरक खरीदते समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण को लेकर कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। नई व्यवस्था के जरिए अधिक मात्रा में उर्वरक खरीदने वाले किसानों की भूमि संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। इससे उर्वरकों के वितरण को जरूरत के अनुसार व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
किसानों को सलाह है कि यूरिया या डीएपी की निर्धारित मात्रा से अधिक खरीद के लिए जाते समय अपनी जमाबंदी से संबंधित दस्तावेज साथ रखें। इससे एफएफएस के माध्यम से खाद खरीदने की प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी।
