RPSC हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती फर्जी डिग्री मामला: मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक गिरफ्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती में फर्जी डिग्री लगाने के चर्चित मामले में जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों की ओर से कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज लगाए जाने का मामला सामने आया था। जांच के दौरान डिग्रियों की प्रमाणिकता पर सवाल उठे थे, जिसके बाद मामले की पड़ताल शुरू की गई।
जांच में मेवाड़ यूनिवर्सिटी से जुड़े दस्तावेजों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की गई। इसी क्रम में तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी डिग्री प्रकरण में उनकी क्या भूमिका थी और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
RPSC भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के मामलों को लेकर प्रदेश में लगातार कार्रवाई की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच एजेंसियां संदिग्ध अभ्यर्थियों और उनसे जुड़े लोगों पर नजर रख रही हैं।
फर्जी डिग्री मामले में सामने आई इस कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी डिग्री तैयार करने या उसे सत्यापित करने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी सुशील कुमार शर्मा से पूछताछ जारी है और मामले में आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े की तस्वीर साफ हो सकेगी।
