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राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग की बड़ी साजिश नाकाम, वीडियो में जाने वारदात से पहले पुलिस ने दबोचे 3 गुर्गे, हथियारों की खेप बरामद

राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग की बड़ी साजिश नाकाम, वीडियो में जाने वारदात से पहले पुलिस ने दबोचे 3 गुर्गे, हथियारों की खेप बरामद
 
राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग की बड़ी साजिश नाकाम, वीडियो में जाने वारदात से पहले पुलिस ने दबोचे 3 गुर्गे, हथियारों की खेप बरामद

राजस्थान में कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग की एक बड़ी आपराधिक साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की खुफिया सूचना के आधार पर सीकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए मंगवाए गए थे।

राजस्थान पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर सीकर जिले की कोतवाली और लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रोहित गोदारा गैंग से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो प्रदेश में कोई बड़ी आपराधिक घटना हो सकती थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से हथियारों की बड़ी खेप मंगवाई थी। इन हथियारों को अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया भी जा चुका था। हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर योजना को विफल कर दिया।

पुलिस ने सबसे पहले 18 जून की सुबह करीब 6 बजे आरोपी गुलाब सिंह पुत्र लालसिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसी दिन देर रात प्रदीप मंडीवाल पुत्र श्रीचंद मंडीवाल को उसके घर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ और जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने 19 जून की शाम तीसरे आरोपी मनोज थालौड़ को भी गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि मनोज थालौड़ ने ही गुलाब सिंह का संपर्क राहुल रिणाऊ से करवाया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियारों की सप्लाई किन-किन लोगों तक पहुंची और उनका इस्तेमाल किस वारदात में किया जाना था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार अत्याधुनिक हैं और उनका इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना में किया जा सकता था।

पुलिस का मानना है कि यह केवल तीन आरोपियों तक सीमित मामला नहीं है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पूरे गैंग और हथियारों की सप्लाई चेन की पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि हथियार प्रदेश के किन-किन जिलों में भेजे गए और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रोहित गोदारा गैंग लंबे समय से संगठित अपराध, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियों के निशाने पर रहा है। ऐसे में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि उनसे मिली जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर शिकंजा कसने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।