सहकारिता मंत्री के बयान के विरोध में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन, वीडियो में जाने कार्रवाई की मांग
राजस्थान के सहकारिता मंत्री Gautam Kumar Dak द्वारा पुलिसकर्मियों के लिए कथित रूप से अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल के विरोध में मंगलवार को सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और जवानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने नारेबाजी करते हुए मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सहकारिता मंत्री को पद से हटाने और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की गई।
डूंगला थाने की घटना के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ जिले के Dungla Police Station में पुलिसकर्मियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना के बाद यह विवाद सामने आया। इसी मामले को लेकर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठन ने विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा अनुचित और आपत्तिजनक थी, जिससे पूरे पुलिस बल का मनोबल प्रभावित हुआ है।
मंत्री को पद से हटाने की मांग
प्रदर्शन में शामिल पूर्व पुलिसकर्मियों ने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे किसी भी जनप्रतिनिधि को सरकारी कर्मचारियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों के सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
संगठन हुआ लामबंद
डूंगला थाने की घटना के विरोध में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों के संगठन ने एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पूर्व पुलिसकर्मी मौजूद रहे और उन्होंने सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
फिलहाल इस मामले को लेकर सरकार या सहकारिता मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
