RUHS में ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट, बेसमेंट में मेडिसिन काउंटर; बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को दवा लेने में परेशानी
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट संचालित हो रहा है, जहां नूडल्स, बर्गर, कचौरी और समोसे जैसे खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। वहीं, दवाइयां लेने के लिए मेडिसिन काउंटर बेसमेंट में बनाया गया है। इस व्यवस्था के कारण बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और चलने-फिरने में परेशानी का सामना करने वाले मरीजों को दवा लेने में दिक्कत होने की बात सामने आई है।
ओपीडी फ्लोर पर मिल रहे नूडल्स-बर्गर और समोसे
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही सबसे अधिक ओपीडी के आसपास रहती है। इसी फ्लोर पर खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराने वाला रेस्टोरेंट संचालित होने से मरीजों और परिजनों को खाद्य पदार्थ खरीदने की सुविधा मिल रही है। यहां नूडल्स, बर्गर, कचौरी और समोसे जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
हालांकि, दूसरी ओर दवाइयां लेने के लिए मरीजों को बेसमेंट तक जाना पड़ता है। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले कई मरीज पहले ही शारीरिक परेशानी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में दवा लेने के लिए अलग फ्लोर पर जाना उनके लिए अतिरिक्त कठिनाई पैदा कर सकता है।
बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए दवाइयों तक आसान पहुंच जरूरी होती है। यदि मेडिसिन काउंटर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों, लिफ्ट या लंबा रास्ता तय करना पड़े, तो मरीजों को परेशानी हो सकती है।
विशेष रूप से उन लोगों के लिए यह व्यवस्था मुश्किल बन सकती है, जिन्हें चलने में परेशानी होती है या जिन्हें व्हीलचेयर और परिजनों की मदद की जरूरत पड़ती है। ऐसे मरीजों को दवा लेने के लिए अतिरिक्त समय और सहायता की आवश्यकता हो सकती है।
अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल
अस्पताल में रेस्टोरेंट और मेडिसिन काउंटर की अलग-अलग जगहों पर व्यवस्था को लेकर मरीजों की सुविधा के दृष्टिकोण से सवाल उठते हैं। अस्पताल जैसे संस्थान में दवा वितरण केंद्र ऐसी जगह होना चाहिए, जहां मरीज आसानी से पहुंच सकें। खासकर सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सुविधाओं का निर्धारण महत्वपूर्ण होता है।
मेडिसिन काउंटर को बेसमेंट में रखने के पीछे अस्पताल प्रबंधन की क्या वजह है और वहां तक पहुंचने के लिए लिफ्ट या अन्य सुविधाएं कितनी सुलभ हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है।
मरीजों की सुविधा के हिसाब से हो व्यवस्था
अस्पताल में इलाज के साथ दवाइयां प्राप्त करना भी मरीजों की स्वास्थ्य सेवा का अहम हिस्सा है। ऐसे में दवा वितरण केंद्र तक पहुंच आसान बनाना जरूरी है। अस्पताल प्रबंधन यदि मरीजों की शिकायतों और जरूरतों की समीक्षा करता है, तो बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग मरीजों को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए उचित कदम उठाए जा सकते हैं।
RUHS में दवा काउंटर की मौजूदा व्यवस्था और मरीजों को होने वाली दिक्कतों पर अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
