अलवर नगर निगम के 65 वार्डों की आरक्षण लॉटरी पूरी, OBC के 13 और SC के 12 वार्ड; 25 वार्ड खुले
अलवर नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों के आरक्षण की तस्वीर अब साफ हो गई है। नगर निगम के सभी 65 वार्डों की आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लॉटरी के बाद OBC वर्ग के लिए 13 वार्ड और अनुसूचित जाति यानी SC के लिए 12 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वहीं, 25 वार्ड ऐसे हैं, जहां किसी भी वर्ग के पात्र उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
आरक्षण लॉटरी के बाद अब संभावित पार्षद प्रत्याशियों की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। कई वार्डों में आरक्षण की श्रेणी बदलने से पुराने राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हुए हैं।
OBC के लिए 13 वार्ड आरक्षित
लॉटरी प्रक्रिया में अलवर नगर निगम के 13 वार्ड OBC वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें OBC महिला आरक्षण वाले वार्ड भी शामिल हैं। आरक्षण की घोषणा के बाद संबंधित वर्ग के संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
OBC आरक्षण के कारण इन वार्डों में अन्य वर्गों के दावेदार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। राजनीतिक दलों को अब इन सीटों पर स्थानीय स्तर पर मजबूत OBC चेहरों की तलाश करनी होगी।
SC के खाते में 12 वार्ड
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कुल 12 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें SC महिला के लिए आरक्षित वार्ड भी शामिल हैं। लॉटरी के बाद इन वार्डों में भी संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने से अब राजनीतिक दल वार्डवार सामाजिक समीकरणों का आकलन कर सकेंगे। साथ ही संभावित उम्मीदवारों के स्थानीय प्रभाव और संगठन में सक्रियता को भी देखा जाएगा।
25 वार्डों में किसी भी वर्ग का उम्मीदवार
लॉटरी के बाद नगर निगम के 25 वार्ड ऐसे हैं, जिन्हें सामान्य श्रेणी में रखा गया है। इन वार्डों में आरक्षण के कारण किसी विशेष वर्ग तक चुनाव लड़ने की बाध्यता नहीं होगी। ऐसे में यहां विभिन्न वर्गों के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
इन वार्डों में टिकट के लिए दावेदारों की संख्या बढ़ने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने भी संभावित प्रत्याशियों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।
बदलेंगे चुनावी समीकरण
आरक्षण लॉटरी के बाद कई मौजूदा पार्षदों और संभावित दावेदारों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। जिन वार्डों में उनकी सीट आरक्षित हो गई है, वहां वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ पाएंगे और पार्टी को नए उम्मीदवार तलाशने होंगे।
अब राजनीतिक दल वार्डवार सर्वे और स्थानीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर प्रत्याशियों के नाम तय करने की तैयारी करेंगे। वहीं, संभावित उम्मीदवार भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाएंगे।
अलवर नगर निगम के सभी 65 वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के साथ निकाय चुनाव की तैयारियों को गति मिल गई है। अब आरक्षण के आधार पर टिकट वितरण और प्रत्याशियों के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
